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हिंदी भाषा और साहित्य (Hindi Bhasha aur Sahitya)

DU BA Programme Semester 1 | Unit 1 Solved Notes & Important Long Questions

विषय परिचय (Course Overview)

यह पाठ्यक्रम हिंदी भाषा के इतिहास, विकास, उपभाषाओं, बोलियों, देवनागरी लिपि की विशेषताओं तथा राष्ट्रभाषा व राजभाषा के रूप में हिंदी के स्वरूप को समझने में मदद करता है।

प्रश्न 1. हिंदी भाषा के उद्भव और ऐतिहासिक विकास यात्रा पर प्रकाश डालिए।

उत्तर: हिंदी भाषा का विकास भारतीय-आर्य भाषाओं की लंबी ऐतिहासिक परंपरा का परिणाम है। इसे तीन प्रमुख चरणों में विभाजित किया गया है:

  • प्राचीन भारतीय-आर्य भाषा काल (1500 ई.पू. - 500 ई.पू.): वैदिक संस्कृत एवं लौकिक संस्कृत का काल। इसमें ऋग्वेद, रामायण और महाभारत जैसी कृतियों की रचना हुई।
  • मध्यकालीन भारतीय-आर्य भाषा काल (500 ई.पू. - 1000 ई.):
    • पालि: भगवान बुद्ध के उपदेशों और प्रथम देशभाषा का काल।
    • प्राकृत: भगवान महावीर और जैन साहित्य का काल।
    • अपभ्रंश: लोकभाषा का व्यापक रूप जिससे आधुनिक भाषाएँ विकसित हुईं।
  • आधुनिक भारतीय-आर्य भाषा काल (1000 ई. से अब तक): अपभ्रंश के विभिन्न क्षेत्रीय रूपों (शौरसेनी, अर्धमागधी, मागधी) से हिंदी, अवहट्ठ और पुरानी हिंदी का विकास हुआ।

प्रश्न 2. हिंदी की प्रमुख उपभाषाओं और उनकी बोलियों का वर्गीकरण स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: हिंदी केवल एक बोली नहीं, बल्कि 5 उपभाषाओं और 17 प्रमुख बोलियों का एक समूह है:

  • पश्चिमी हिंदी: खड़ी बोली (कौरवी), ब्रजभाषा, हरियाणवी (बांग्रू), बुंदेली, कन्नौजी। (विकास: शौरसेनी अपभ्रंश)
  • पूर्वी हिंदी: अवधी, बघेली, छत्तीसगढ़ी। (विकास: अर्धमागधी अपभ्रंश)
  • राजस्थानी हिंदी: मारवाड़ी, जयपुरी (ढूंढाड़ी), मेवाती, मालवी। (विकास: शौरसेनी/गुर्जरी अपभ्रंश)
  • पहाड़ी हिंदी: गढ़वाली, कुमाऊँनी, पश्चिमी पहाड़ी। (विकास: खस अपभ्रंश)
  • बिहारी हिंदी: भोजपुरी, मैथिली, मगही। (विकास: मागधी अपभ्रंश)

प्रश्न 3. ब्रजभाषा और अवधी के साहित्यिक योगदान तथा विशेषताओं की तुलना कीजिए।

उत्तर: मध्यकाल (भक्तिकाल और रीतिकाल) में ब्रजभाषा और अवधी हिंदी साहित्य के दो मुख्य स्तंभ रहे:

  • अवधी भाषा:
    • अर्धमागधी अपभ्रंश से विकसित हुई।
    • मलिक मोहम्मद जायसी ने 'पद्मावत' (प्रबंध काव्य) तथा गोस्वामी तुलसीदास ने 'रामचरितमानस' जैसी कालजयी रचनाएँ अवधी में रचीं।
    • मुख्य रूप से अवध क्षेत्र में प्रयुक्त और मिठास से भरपूर।
  • ब्रजभाषा:
    • शौरसेनी अपभ्रंश से विकसित ओकारान्त बहुला भाषा।
    • सूरदास और अष्टछाप के कवियों ने कृष्णभक्ति काव्य तथा रीतिकाल में बिहारी और घनानंद ने शृंगारिक काव्य ब्रजभाषा में रचा।
    • संगीतात्मकता और माधुर्य गुण इसकी मुख्य विशेषता है।

प्रश्न 4. राष्ट्रभाषा, राजभाषा और संपर्क भाषा के रूप में हिंदी की स्थिति स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: भारत में हिंदी बहुआयामी भूमिका निभाती है:

  • राजभाषा (Official Language): भारतीय संविधान के अनुच्छेद 343(1) के तहत 14 सितंबर 1949 को हिंदी को संघ की राजभाषा और देवनागरी को आधिकारिक लिपि का दर्जा मिला।
  • राष्ट्रभाषा (National Language): स्वतंत्रता आंदोलन के समय महात्मा गांधी और अन्य नेताओं ने हिंदी को देश को जोड़ने वाली राष्ट्रभाषा के रूप में स्वीकार किया। यह भारत के बहुसंख्यक वर्ग की भाषा है।
  • संपर्क भाषा (Link Language): विभिन्न भाषाई क्षेत्रों (उत्तर से दक्षिण, पूर्व से पश्चिम) के लोगों के बीच आपसी संवाद, व्यापार, सिनेमा और मीडिया का सबसे सशक्त माध्यम हिंदी है।

प्रश्न 5. देवनागरी लिपि के वैज्ञानिक स्वरूप और इसकी मुख्य विशेषताओं का वर्णन कीजिए।

उत्तर: देवनागरी लिपि का विकास ब्राह्मी लिपि से हुआ है और इसे विश्व की सबसे वैज्ञानिक लिपियों में गिना जाता है:

  • उच्चारण और लेखन की एकरूपता: इसमें जैसा बोला जाता है, वैसा ही लिखा जाता है। कोई भी वर्ण अनुच्चारित (Silent) नहीं होता।
  • वैज्ञानिक वर्णमाला वर्गीकरण: स्वरों और व्यंजनों का स्पष्ट विभाजन है। व्यंजनों को उच्चारण स्थान (कंठ्य, तालव्य, मूर्धन्य, दंत्य, ओष्ठ्य) के आधार पर व्यवस्थित किया गया है।
  • एक वर्ण - एक ध्वनि: प्रत्येक ध्वनि के लिए एक निश्चित वर्ण चिह्न निर्धारित है, जिससे किसी प्रकार का भ्रम नहीं रहता।
  • अक्षरात्मक लिपि: यह वर्णात्मक न होकर अक्षरात्मक (Syllabic) लिपि है जो कंप्यूटर और टाइपिंग के लिए अनुकूल है।

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इकाई-1 (भाषा इतिहास, बोलियाँ एवं लिपि) के संपूर्ण हस्तलिखित नोट्स।

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